कादर खान के यादों में पढ़ें उनकी ये 10 सुपरहिट डायलॉग्स, जिससे फिल्में हिट हो गई

0
64

बॉलीवुड के लीजेंड कादर खान साहब आज हमारे बीच नहीं है। काफी लंबी बीमारी के बाद 31 दिसंबर साल 2018 में शाम के 6 बजे उनका निधन हो गया। बता दें कि कादर खान साहब बॉलीवुड के एक ऐसा एक्टर थे जिन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम की है और 250 से ज्यादा फिल्मों में दूसरे एक्टर के लिए डायलॉग्स लिखे थे। कादर खान साहब की यादों में हम आपको उनकी ये 10 डायलॉग्स बताने जा रहे हैं जिससे फिल्में हिट हो गई।

1.कुली:

अमिताभ बच्चन के फिल्म कूली साल 1983 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में एक जबरदस्त डायलॉग था जो है -‘बचपन से सर पर अल्लाह का हाथ और अल्लाह रखा है अपने साथ, बाजू पर 786 का है बिल्ला, 20 नंबर की बीड़ी पीता हूं और नाम है इकबाल’। बता दें कि यह डायलॉग कादर खान साहब ने लिखे थे।

2.मुकद्दर का सिकंदर:

फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ साल 1978 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में कादर खान साहब का लिखा एक डायलॉग है-‘सुख-दुख बेवफा है आता है जाता है, लेकिन दुख ही अपना साथी है, अपने साथ रहता है दुख को अपना ले तो तकदीर तेरे कदमों में होगी और तू मुकद्दर का बादशाह होगा’।

3.हिम्मतवाला:

फिल्म ‘हिम्मतवाला’ साल 1983 में रिलीज हुई थी और इस फिल्म कादर खान साहब का लिखा एक डायलॉग था जो है-‘मालिक मुझे नहीं पता था कि बंदूक लगाए आप मेरे पीछे खड़े हैं, मुझे लगा कि कोई जानवर अपने सिंह से मेरे पीछे खटबल्लू बना रहा है’।

4.मिस्टर नटवरलाल:

‘मिस्टर नटवरलाल’ 1979 में रिलीज हुई थी और इस फिल्म में अमिताभ, भगवान से बात करते वक्त ये डायलॉग बोले थे-‘आप है किस मर्ज की दवा, घर में बैठे रहते हैं, ये शेर मारना मेरा काम है? कोई मवाली स्मगलर हो तो मारू, मैं शेर क्यों मारूं, मैं तो खिसक रहा हूं और आप में चमत्कार नहीं है तो आप भी खिसक लो’।

5.अंगार:

फिल्म ‘अंगार’ 1992 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में कादर खान साहब का लिखा एक डायलॉग था जो है-‘ऐसे तोहफे देने वाला दोस्त नहीं होता है, तेरे बाप ने 40 साल मुंबई पर हुकूमत की है इस खिलौने के बल पर नहीं अपने दम पर’,।

6.सत्ते पे सत्ता:

फिल्म ‘सत्य पे सत्ता’ 1982 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भी कादर खान साहब का लिखा एक डायलॉग था जो है-‘दारू पीता नहीं है अपुन, क्योंकि मालूम है दारु पीने से लीवर खराब हो जाता है, लीवर’।

7.अग्निपथ:

Image credit indiatoday.in

अब बात करते हैं फिल्म ‘अग्निपथ’ में अमिताभ का सबसे सुपर हिट डायलॉग जो कादर खान साहब ने लिखा था-‘विजय दीनानाथ चौहानपूरा नाम, बाप का नाम दीनानाथ चौहान, मां का नाम सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र 36 साल 9 महीना 8 दिन और ये 16वां घंटा चालू है’।

8.बाप नंबरी बेटा दस नंबरी:

‘तुम्हें बक्शीश कहां से दूं, मेरी गरीबी का तो ये हाल है कि किसी फकीर की अर्थी को कंधा दूं तो वह उसे अपनी इंसल्ट मानकर अर्थी से कूद जाता है।

9.हम:

‘कहते हैं किसी आदमी की सीरत अगर जाननी हो तो उसकी सूरत नहीं उसके पैरों की तरफ देखना चाहिए, उसके कपड़ों को नहीं, उसके जूतों की तरफ देख लेना चाहिए’।

10.कुली नंबर 1:

गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ साल 1995 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में गोविंदा एक जबरदस्त डायलॉग बोलते हैं जो कादर खान साहब ने लिखा है-‘दुनिया मेरा घर है और बस स्टैंड मेरा अड्डा है’।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here